हरिद्वार
लंढौरा। चमन लाल महाविद्यालय में आज दिनांक 26 नवंबर 2025 को संविधान दिवस के उपलक्ष में वंदे मातरम की 150 वी वर्षगांठ पर सामूहिक वंदे मातरम का गायन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के चित्र पर दीपप्रज्वलन एवं संक्षिप्त इतिहास के संबोधन के साथ हुई। इसके पश्चात समस्त छात्र-छात्राओं के द्वारा एक ही स्वर में वंदे मातरम का सामूहिक गायन किया गया। जिससे पूरा महाविद्यालय परिसर देशभक्ति की भावना से गूंज उठा l इस अवसर पर महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष रामकुमार शर्मा, सचिव अरुण हरित ने सभी छात्र-छात्राओं को वंदे मातरम कि इस उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सुशील उपाध्याय ने भारत के संविधान के निर्माण उसकी उपयोगिता तथा नागरिकों के मूल कर्तव्य पर विस्तृत चर्चा की छात्र-छात्राओं को संविधान की प्रस्तावना का अर्थ समझाया और वंदे मातरम के अर्थ को भी समझाया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति संवैधानिक मूल्य और एकता की भावना को विकसित करना था। संविधान का मौलिक कर्तव्य क्या है संविधान के क्या-क्या अधिकार हैं संविधान हमारे राष्ट्र को बनाने में अहम भूमिका निभाता है आदि विषयों पर चर्चा की। जिसमें सभी प्रतिभागियों ने उत्साह पूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम समन्वयक इतिहास के विभाग अध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत शर्मा ने सभी शिक्षकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में समस्त शिक्षक गण एवं गैर शिक्षक कर्मचारियों का विशेष सहयोग रहा ।
