हरिद्वार
रुड़की। देहरादून शिमला बायपास, शिवालिक इंजीनियरिंग कॉलेज देहरादून के ऑडिटोरियम में दूसरे दिन बूट प्रशिक्षण कैंप में सफल उद्यमी कैसे बने पर गहन विचार विमर्श हुआI बूट कैंप प्रशिक्षण के प्रशिक्षक प्रो. नीलम सक्सेना एवं प्रो. रिचा सिन्हा ने संयुक्त रूप से आधुनिक तकनीक एवं विचार प्रस्तुत कर नई जानकारी दी।

एक सफल उद्यमी कैसे बने इस संदर्भ में दूसरे दिन गंगाजली समूह ने अपने प्रस्तुतीकरण में अपने विचार प्रकट किया गंगाजली समूह के प्रतिनिधित्व करने वाले डॉ संतोष चमोला ने बताया की सफल उद्यमी बनने के लिए संयम एवं कठिन परिश्रम की निरंतर आवश्यकता है। अगर हमें सफल उद्यमी बनना है, तो हमेशा अपने अगल-बगल के वातावरण को विश्वास में लेना पड़ेगा और लग्न, धैर्य, कठिन परिश्रम के साथ दूसरों के सहयोग से सफल उद्यमी बन सकते हैं।
इस अवसर पर प्रशिक्षण दे रही नीलम सक्सेना ने कई सफल उद्यमियों की प्रेरणाप्रद कहानी उपस्थित प्रशिक्षण ले रहे के सामने प्रस्तुत की। विभिन्न बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा किस प्रकार व्यवसायिकता किस दौर में अपने आप को स्थापित करते हुए निवेश विचारों के साथ बाजार में प्रतिस्पर्धा का वातावरण बनाया है हमें उसे सीखने का प्रयास करना चाहिए तथा संदर्भदाता द्वारा बहुराष्ट्रीय कंपनियों जैसे केलॉग’स कॉर्न फ्लैक, नाइकी, एडीडास, कैडबरी चॉकलेट, अमेज़न, गूगल, हिताची, टी.सी. एस. के तात्कालिक उदाहरणों से इसे स्पष्ट करने का प्रयास कियाI द्वितीय दिवस के समापन के अवसर पर विभिन्न जनपदों से पधारे प्रतिभागियों ने कार्यक्रम से संबंधित अपने विचार साझा किया तथा बताया की समग्र शिक्षा उत्तराखंड द्वारा एंटरप्रेन्योरशिप के लिए किया जा रहे इन नवाचारी प्रयासों से शिक्षा में गुणात्मक सुधार होगा।
