देहरादून
जन अधिकार पार्टी (जनशक्ति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आज़ाद अली ने हरिद्वार में जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जाने की घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई केवल एक अफसर की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करती है कि पहले से भ्रष्टाचार में लिप्त इस अधिकारी को प्रदेश के बड़े और संवेदनशील जिले हरिद्वार में आखिर किसके संरक्षण में तैनाती दी गई।

आज़ाद अली ने कटाक्ष करते हुए कहा कि विजिलेंस की कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार जड़ें जमा चुका है और अफसर खुलेआम रिश्वतखोरी को अपना अधिकार समझ बैठे हैं। ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए पकड़ा जाना इस बात का सबूत है कि जनता को लूटने का यह खेल लंबे समय से चल रहा था।
उन्होंने कहा कि जिस मंत्री के अधीन रहते हुए ऐसे भ्रष्ट अफसर को नियुक्ति मिली, उनकी भूमिका भी संदेह के घेरे में है। प्रदेश की मंत्री रेखा आर्य पर भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए कि क्या उन्हें इस अधिकारी की छवि की जानकारी नहीं थी या फिर सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंद ली गईं।
आज़ाद अली ने साफ शब्दों में कहा कि अगर सरकार वास्तव में भ्रष्टाचार के खिलाफ है, तो केवल छोटे अफसरों को बलि का बकरा बनाकर अपनी पीठ थपथपाने से काम नहीं चलेगा। भ्रष्टाचार को संरक्षण देने वालों तक हाथ पहुंचाना होगा, वरना विजिलेंस की कार्रवाई सिर्फ दिखावा बनकर रह जाएगी।
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जन अधिकार पार्टी इस मामले को दबने नहीं देगी और जरूरत पड़ी तो सड़क से सदन तक इस भ्रष्टाचार और संरक्षण की लड़ाई लड़ी जाएगी। जनता अब सब देख रही है और वक्त आने पर जवाब भी देगी।
