देहरादून
देहरादून बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं द्वारा पुराने जिला न्यायालय परिसर में अनधिकृत अतिक्रमण एवं शिलान्यास की साजिशों के विरुद्ध चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन का आज 10वां दिन है। 9 नवंबर 2025 को शुरू हुए इस आंदोलन में अधिवक्ता बंधु एकजुट होकर न्याय व्यवस्था की रक्षा के लिए कटिबद्ध दिख रहे हैं। बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी एवं सैकड़ों अधिवक्ताओं ने लगातार धरना, विरोध प्रदर्शन एवं कानूनी कदम उठाकर प्रशासन को चेतावनी दी है कि न्यायालयीन परिसर पर कोई भी अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आंदोलन के प्रारंभिक चरण में, 8 नवंबर को पार्क में लगे अनधिकृत टेंटों को उखाड़ फेंका गया था, तथा एसडीएम देहरादून, शहर कोतवाल एवं जिला जज को स्पष्ट चेतावनी जारी की गई थी। उसके बाद से सरकार की कुनीतियों के बावजूद अधिवक्ताओं का जोश कम नहीं हुआ। आज 10वें दिन भी बार परिसर में सभा आयोजित की गई, जिसमें अध्यक्ष श्री मनमोहन कंडवाल जी, उपाध्यक्ष श्री भानू प्रताप सिसोदिया जी, सचिव श्री राजबीर सिंह बिष्ट जी एवं सहसचिव श्री कपिल अरोड़ा जी सहित प्रमुख पदाधिकारियों ने भाग लिया। आंदोलन में अंजलि चमोली जी, नेहा रावत जी, रेशमा जी, पंकज पटवाल जी, ओमप्रकाश सती जी, दिग्विजय सिंह नेगी जी, सिद्धार्थ पोखरियाल जी, राहुल नेगी जी, राजेश ममगाई जी एवं अन्य अधिवक्ता सक्रिय रहे।
आंदोलनकारियों ने सरकार से मांग की है कि तत्काल अतिक्रमण की साजिशें रोकी जाएं, अन्यथा आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
जन अधिकार पार्टी (ज.) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अभिषेक बहुगुणा ने कहा कि “यह आंदोलन केवल भूमि का मुद्दा नहीं, बल्कि न्याय की आत्मा की रक्षा का संकल्प है। 10 दिनों से हमारी एकजुटता सरकार की कुनीतियों को चुनौती दे रही है। अधिवक्ता समाज चुप नहीं बैठेगा – यदि प्रशासन ने तुरंत हस्तक्षेप नहीं किया, तो हम कानूनी एवं लोकतांत्रिक तरीकों से अंतिम सांस तक लड़ेंगे। न्याय के मंदिर पर अतिक्रमण का प्रयास कभी सफल नहीं होगा! सभी अधिवक्ता बंधुओं से अपील है कि एकता बनाए रखें।
देहरादून बार एसोसिएशन का यह आंदोलन न केवल स्थानीय मुद्दा है, बल्कि पूरे देश के अधिवक्ता समुदाय के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा।
